November 24, 2025 आत्मा का जागरण: स्वयं के ऐक्य की दिव्य पहचान स्वयं के ऐक्य और ब्रह्मानुभूति के लक्षण इस प्रकार होते हैं:द्वेष, क्रोध, मोह, भय, सुख-दुख की परवाह समाप्त हो जाती है। साधक में समदृष्टि,... Read More
November 24, 2025 अनाहत नाद का रहस्य: वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दृष्टि से चेतना की यात्रा मनुष्य के मस्तिष्क का आकार भौतिक रूप से तो पृथ्वी पर ही सीमित है, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि से कहा जाता है कि मस्तिष्क का... Read More
November 23, 2025 खुदा, भगवान या वाहे गुरु: एक ही सत्य जो हमारी आत्मा में बसता है “तू जिसे बाहर जमीं पर ढूंढता है वह तो जमीं नहीं, तेरी आत्मा में बसा है” के अर्थ और विचार को समझने के लिए... Read More
November 22, 2025 मेरी यात्रा अंधेरे से उजाले की ओर अंधकार, फिर उजाले की कणों की ओर बढ़ने की किरण महाप्रकाश यह एक गहन आध्यात्मिक और दार्शनिक विचार है। इसमें शून्यता (शुण्यता) के उस... Read More
November 22, 2025 आवरण शक्ति और विक्षेप शक्ति: माया के रहस्य और आत्मज्ञान का विज्ञान माया के दो प्रमुख आवरण होते हैं जिनका आध्यात्मिक रूप से गहरा अर्थ है:आवरण शक्ति (Avarana Shakti) – यह माया का वह आवरण है... Read More
November 21, 2025 गुरु प्रेम से ईश्वर प्रेम तक: मुर्शिद और इश्क़-ए-हक़ का सूफी रहस्य मुर्शिद का इश्क और ईश्वर का इश्क दोनों आध्यात्मिक प्रेम की गहरी अवस्थाएँ हैं, परंतु इनमें भेद और सूक्ष्म अर्थ होते हैं।मुर्शिद का इश्क... Read More