December 9, 2025 सहस्त्रार चक्र जागरण: मानसिक और शारीरिक परिवर्तन का दिव्य अनुभव जागृत सहस्त्रार चक्र के बाद मानसिक बदलाव मुख्यतः चेतना के विस्तार और आध्यात्मिक जागृति से जुड़े होते हैं, जैसे गहरी शांति, आत्मबोध और बाह्य... Read More
December 5, 2025 भारतीय शास्त्रों में समाधि: आत्मा और ब्रह्म के दिव्य एकत्व की यात्रा आत्मा के सफर पर समाधि के संदर्भ में विभिन्न भारतीय आध्यात्मिक परंपराएँ और शास्त्र कुछ इस प्रकार दृष्टिपात करती हैं:1. उपनिषदों का दृष्टिकोणउपनिषदों में... Read More
December 5, 2025 अहंकार मुक्त जीवन: अध्यात्म में विनम्रता का दिव्य मार्ग अध्यात्म में अहंकार का पतनकारी स्वरूपअध्यात्म मार्ग में अहंकार ही सबसे बड़ा बाधक है, जो साधक को भ्रम की ओर ले जाता है और... Read More
December 3, 2025 आज्ञा चक्र जागरण: तीसरी आँख से दिव्य चेतना की यात्रा त्रि नेत्र का अभिप्राय है तीसरी आँख या आज्ञा चक्र, जो दोनों भौंहों के बीच, माथे पर स्थित होता है। यह चक्र इड़ा, पिंगला,... Read More
December 2, 2025 प्रभु माया की शक्ति: कैसे भक्त इस संसारिक मोह से ऊपर उठता है प्रिय भाई सुनील आपने जो दोहा लिखा है उसका मूल अर्थ ये है कि भगवान (प्रभु) की माया बहुत ही शक्तिशाली और बलवान है।... Read More
December 1, 2025 मेरी सोच “अध्यात्म की राह में ‘फिजा’ और ‘फिदा’ के अर्थ बहुत गहरे और सारगर्भित हैं। यहाँ पर ‘फिजा’ का अर्थ होता है वातावरण, मौसम, या... Read More