November 14, 2025 चेतन ईश्वर के चार भाग: माया और दिव्यता का सुंदर रहस्य ईश्वर के चेतन स्वरूप के चार भागों में तीन भाग माया से बाहर होते हैं और केवल चतुर्थ भाग में माया (मत्स्य) क्यों है,... Read More
November 14, 2025 जन्म–मरण के चक्र से परम मुक्ति: आत्मजागृति का रहस्य -काल रहस्य और उससेसंबंधित चक्र से मुक्ति के विषय में भारत के आध्यात्मिक और योगिक सन्दर्भों में गहरा रहस्य है। काल को जन्म-मरण के... Read More
November 14, 2025 चिदाकाश का दिव्य मार्ग: सच्चे गुरु की कृपा और साधना का विज्ञान चिदाकाश अनुभव करवा सकने वाला गुरु वह होता है जो सच्चा, अनुभवी और सिद्ध आध्यात्मिक गुरु हो। ऐसे गुरु के निम्न गुण होते हैं:गुरु... Read More
November 14, 2025 समय, कर्म और भाग्य का दिव्य विज्ञान: वेद–उपनिषदों की दृष्टि से काल और क्षण को समय के दो महत्वपूर्ण पक्षों के रूप में समझा जा सकता है, जबकि भाग्य उनसे जुड़ी हुई जीवन की नियति... Read More
November 13, 2025 जप योग: वायु के कम्पन से आत्मा की तरंग तक जप योग में वायुमंडल में आवाज की गति और उसके कम्पन्न का अध्यात्म से संबंध गहरा है। ये जप जो गुरु देव के द्वारा... Read More
November 13, 2025 सूर्य-चंद्र तरंगें: जब प्रकृति की ऊर्जा बनती है साधना का माध्यम सूर्य और चंद्र की किरणें जब गुरु की ऊर्जा के साथ मिल।कर शिष्य में तरेंग के माध्यम से मानव शरीर और मन पर गहरा... Read More