November 9, 2025 नफ्स़ की चार मंज़िलें: आत्मा की रूहानी यात्रा की ओर सूफ़ी तसव्वुफ़ (रूहानियत) में नफ्स़ की चार मंज़िलों का बहुत सुंदर और सटीक सार प्रस्तुत करता है। नफ्स़ या मन को शुद्ध करने की... Read More
November 7, 2025 शून्यता से परम चेतना तक: योगी की आत्मा का रूहानी विस्तार योगी की आत्मा की स्थिति, जो अनाहद (अशब्द) के बाद शुण्य, महाशुण्य, और सेलय की ओर जाती है, वह ध्यान और समाधि की अत्यंत... Read More
November 7, 2025 अनाहद नाद: गुरु द्वारा प्रदान की गई सत्य संतत्व की पहचान आध्यात्मिकता में गुरु की दी हुई अनाहद (अनाहत नाद) का महत्व बहुत उच्च होता है। गुरु द्वारा दी गई अनाहद की प्राप्ति आध्यात्मिक साक्षात्कार... Read More
November 7, 2025 सतगुरु का सौदा: जहाँ अहंकार का त्याग भी सस्ता पड़ता है सूफ़ी कहावत “शीश कटे गर सत-गुरु मिले, तो भी सस्ता जान” का अर्थ है कि यदि कोई शिष्य अपने अहंकार और माया का शीश... Read More
November 6, 2025 गहन समाधि: जब शांति सांसों को भी मौन कर देती है मेरी सोच व अनुभव के अनुसार जब हम गहन समाधि में स्थिर हो शुण्य महसूस करते है और चारो तरफ के वातावरण से मुक्त... Read More
November 6, 2025 जब आत्मा सुनने लगती है: ध्यान में अनाहद नाद की पहचान अनाहद नाद (आवाज़) का अनुभव ध्यान में हमारे अंदर की प्रगति का गहरा और सूक्ष्म संकेत है; यह कोई बाहर की संगीत ध्वनि नहीं,... Read More