July 23, 2025 गुरु कृपा से शिष्य की उर्ध्व यात्रा अध्यआत्मिक्ता में जब गुरु शिष्य के हृदय पर अपनी ऊर्जा का पूर्ण रूप से शक्तिपात कर उसे शिष्य के रूप से तहेदिल से स्वीकार... Read More
July 23, 2025 राधा मोहन लाल जी: अंतर्मन से ईश्वर तक की यात्रा महात्मा राधा मोहन लाल जी, महान गुरु चाचा जी महाराज के द्वितीय पुत्र थे। उनका जन्म अक्टूबर 1900 में हुआ था। उन्हें अपने पिता... Read More
July 18, 2025 ध्यान योग में केवल्य की स्थिति ध्यान योग (Meditation Yoga) में आत्मा की मुक्ति साक्षीभाव व समाधि द्वारा प्राप्त होती है। अंतिम अवस्था: निर्विचार समाधि / सहज समाधिमन के समस्त... Read More
July 17, 2025 जहाँ मिट्टी भी मुक्ति का द्वार बनती है अध्यात्म में “खाक में मिलना” एक गहन और प्रतीकात्मक अवधारणा है, जो आत्मा, जीवन और मृत्यु के चक्र से जुड़ी है। यह वाक्यांश सामान्य... Read More
July 17, 2025 रूह की रोशनी में मिटती हैं जाति की रेखाएँ तत्वातोतदेह: भारतीय दर्शन में मूलभूत सिद्धांतों की देह में अभिव्यक्तिI. तत्वातोतदेह: एक समग्र दार्शनिक दृष्टिकोण“तत्वातोतदेह” संस्कृत का एक गहन यौगिक शब्द है, जो ऐसी... Read More
July 7, 2025 जहाँ इच्छाएँ थमती हैं, वहाँ ईश्वर बोलता है जब कोई व्यक्ति जीवन की अंतिम अवस्था ओर अध्यआत्मिक्ता के उच्च शिखर पर पहुच वियरगी बन संसार से विरक्त हो इस स्थिति को प्राप्त... Read More