June 10, 2025 नाद ब्रह्म की प्राप्ति के बाद मोक्ष की स्तिथि कब किसी इंसान में अति है जब उसका कब्जा आंतरिक्ष में शून्यता में विलीन होता है यानी शून्य का शून्य में लय होना नादब्रह्म की प्राप्ति और मोक्ष की स्थिति के संदर्भ में आपका प्रश्न गहन और दार्शनिक है। भारतीय दर्शन, विशेष रूप से वेदांत और योग... Read More
June 9, 2025 शून्यता में पूर्णता: समाधि और ओम नाद का दिव्य संगम समाधि में ध्यान की अवस्था में विचार शून्य हो जाते हैं, क्योंकि मन पूर्णतः एकाग्र और शांत हो जाता है। इस अवस्था में चेतना... Read More
June 7, 2025 अद्यतमिक दुनिया मे गुरु और शिष्य का साथ जन्म।जन्मों से चला आ रहा है और जब जन शिष्य जन्म लेता है तो गुरु देव... Read More
June 7, 2025 संतत्व की ओर: समर्पण, साधना और सत्य का मार्ग संत जैसे गुणों को पाने और संत बनने तक का सफर बहुत लंबा है जरूर नजी की आप इसी नीवं में उस स्तर तक... Read More
June 7, 2025 गुरुकृपा से ध्यान तक: शिष्य बनने की आध्यात्मिक यात्रा गुरु द्वारा शिष्य को ध्यान करवाने और शिष्य बनाने की आध्यात्मिक अनुमति देना एक गहन और पवित्र प्रक्रिया है, जो भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं में... Read More
June 7, 2025 अजपा जाप: श्वास में बसी ईश्वर-स्मृति की साधना अजपा जाप एक आध्यात्मिक साधना है जिसमें मंत्र का जाप बिना सचेत प्रयास के, स्वाभाविक रूप से होता है। “जप” का अर्थ है मंत्र... Read More