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आज जब उठा और मुह को धोने के लिए जैसे ही वाशवेसन के पास गया और मुह को धोने लगा ओर आईने की।ओर पलक...

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एक रोज जब गुरु देव के चरणोंमैं बैठ कर भक्ति कर दिखावा कररहा था तभी गुरु देव ने मुझेघूर कर देखाओर बोले ले ये...

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गंगा किनारे एक तपस्वी गुरु अपने शिष्य के साथ बैठे थे। शिष्य वर्षों से साधना कर रहा था, पर भीतर संतोष नहीं था। शिष्य:...

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सच्चा शिष्य और आध्यात्मिकता का शिखर my father’s wards आध्यात्मिकता कोई वस्तु नहीं जिसे बाहरी पूजाग-पाठ या दिखावे से पाया जा सके। यह तो...

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किसी भी इंसान की जब म्रत्यु होती है तो उसकी आत्मा की दो तरह की स्तिथि हो सकती है एक तो स्वम् से संतुष्ट...

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