April 24, 2025 जब जीवन बने महासागर, तो साधना बने नौका भवसागर का अर्थ होता है — यह संसार रूपी महासागर, जिसमें जन्म-मृत्यु का चक्र, मोह-माया, दुःख-सुख, और अज्ञान की लहरें हैं। और इसे पार... Read More
April 24, 2025 जब पत्तियाँ बोल उठीं: जीवन का दूसरा पक्ष आज सुबह तपती सूर्य कीरोशनीमें टहलने के लिए निकला तोलगाशरीर गर्मी से तप रहा था गलाप्यासके मारे सुख रहा था शरीर गर्मीकेमारे पसीना पसीना... Read More
April 24, 2025 मैं से तू तक: आत्मा की यात्रा मैं ओर तू की तलाश आध्यात्मिक चिंतन की ओर संकेत करते हैं। जीवन में अध्यात्म तब आता है जब हम स्वयं को भीतर से... Read More
April 24, 2025 विरह की डोली में सतलोक की यात्रा “बिरहनि बिरहा ले गयकर्ता कार कहार”अर्थ:विरह (प्रेम-वियोग की पीड़ा) ने ‘बिरहा’ (वियोगी प्रेमी) को अपने साथ ले लिया — जैसे कोई कहार (पालकी ढोने... Read More
April 24, 2025 भवसागर का अर्थ होता है — यह संसार रूपी महासागर, जिसमें जन्म-मृत्यु का चक्र, मोह-माया, दुःख-सुख, और अज्ञान की लहरें हैं। और इसे पार... Read More
April 23, 2025 “बिरहनि बिरहा ले गयकर्ता कार कहार”अर्थ:विरह (प्रेम-वियोग की पीड़ा) ने ‘बिरहा’ (वियोगी प्रेमी) को अपने साथ ले लिया — जैसे कोई कहार (पालकी ढोने... Read More