April 1, 2025 आत्मा और परमात्मा का मिलन: मोक्ष की ओर यात्रा आत्मा का परमात्मा में विलय (जिसे मोक्ष, कैवल्य, निर्वाण या आत्मसाक्षात्कार भी कहा जाता है) आध्यात्मिकता और भारतीय दर्शन में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है।... Read More
March 31, 2025 निस्वार्थ कर्म: आनंद और शांति का मार्ग इस संसार में अधिकतर कार्य स्वार्थ से प्रेरित होते हैं, क्योंकि व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं, इच्छाओं और सुख-सुविधाओं को पहले रखता है। लेकिन इसका अर्थ... Read More
March 29, 2025 गुरु ही वह दीपक है जो परमात्मा तक पहुँचने का मार्ग दिखाता है गुरु और परमात्मा में अंतर गुरु और परमात्मा दोनों ही आध्यात्मिक मार्गदर्शन और आत्मज्ञान से जुड़े हैं, लेकिन उनके स्वरूप और भूमिकाओं में महत्वपूर्ण... Read More
March 29, 2025 ईश्वर एक है, देवता उसकी विविध शक्तियाँ हैं देवता और ईश्वर में क्या भेद है? धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से, ईश्वर और देवता के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर है। हालांकि, सामान्य रूप... Read More
March 29, 2025 हर मनुष्य में छिपा है प्रजापति का सृजनशील रूप मानव भी संवत्सर प्रजापति” का तात्पर्य वेदों और हिन्दू दर्शन से जुड़ा हुआ है। इसमें निम्नलिखित मुख्य अवधारणाएँ निहित हो सकती हैं: संवत्सर का... Read More
March 29, 2025 गुरु जी जो भी साधक सांसारिक समस्या के समाधान के लिए आपसे निवेदन करता है तो क्या यह फ़ना के विपरीत तो नहीं है,... Read More