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बिल्कुल सही लिखा है ये फणा के विपरीत है पर फणा की स्तिथि बहुत कम देखने को।मिलती है जिसमे फना पैदा हो गया वो...

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गुरु की दीक्षा से आत्मबोध तक: शिष्य को पारंगत बनाने की भारतीय परंपरा

गुरु शिष्य को पारंगत (दक्ष) बनाने के लिए कई मार्ग अपनाता है, जो शिष्य की क्षमता, जिज्ञासा और साधना पर निर्भर करते हैं। भारतीय...

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कुर्मा मूर्धा नाड़ी: प्राचीन ग्रंथों में वर्णित ध्यान और अमृत अनुभूति की रहस्यमयी धारा

कुर्मा मूर्धा नाड़ी” का उल्लेख कई प्राचीन योग और तांत्रिक ग्रंथों में मिलता है। कुछ महत्वपूर्ण ग्रंथ जो इस नाड़ी से जुड़े हैं: इस...

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