March 29, 2025 हर मनुष्य में छिपा है प्रजापति का सृजनशील रूप मानव भी संवत्सर प्रजापति” का तात्पर्य वेदों और हिन्दू दर्शन से जुड़ा हुआ है। इसमें निम्नलिखित मुख्य अवधारणाएँ निहित हो सकती हैं: संवत्सर का... Read More
March 29, 2025 गुरु जी जो भी साधक सांसारिक समस्या के समाधान के लिए आपसे निवेदन करता है तो क्या यह फ़ना के विपरीत तो नहीं है,... Read More
March 29, 2025 बिल्कुल सही लिखा है ये फणा के विपरीत है पर फणा की स्तिथि बहुत कम देखने को।मिलती है जिसमे फना पैदा हो गया वो... Read More
March 29, 2025 बक़ा: ईश्वर में स्थित होने की दिव्य अवस्था बक़ा (Baqa) का आध्यात्मिक अर्थ “बक़ा” एक सूफ़ी और आध्यात्मिक अवधारणा है, जिसका अर्थ है अस्तित्व की स्थायी अवस्था या ईश्वर में स्थायी रूप... Read More
March 29, 2025 गुरु से ईश्वर तक: आत्मिक यात्रा की शुभ शुरुआत ईश्वर और गुरु में भेद का प्रश्न आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत गहरा है। ईश्वर सर्वव्यापी, निराकार और असीम शक्ति है, जबकि गुरु साकार रूप... Read More
March 29, 2025 स्व से परम तक: आध्यात्मिक सोच की यात्रा आध्यात्मिक व्यक्ति की सोच गहरी, संतुलित और परोपकारी होती है जब वो किसी भी आध्यात्मिक गुरु की शरण स्वीकार कर उसकी तरह आध्यात्मिक ओथ... Read More