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आत्म-साक्षात्कार

एक उच्च कोटि के आध्यात्मिक संत के जीवन में सम्पूर्ण वैराग्य और पूर्ण रूप से समाधि की अवस्था तब आती है जब वे आत्म-साक्षात्कार...

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विरक्ति का अर्थ

विरक्ति का अर्थ है संसार और उसकी वस्तुओं से मन का हट जाना, मोह-माया से ऊपर उठकर ईश्वर या आत्म-साक्षात्कार की ओर उन्मुख होना।...

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कुम्भ स्नान का महत्व

भारतीय दर्शन और योग शास्त्रों में शरीर को ब्रह्मांड का प्रतीक माना गया है, जिसमें गंगा, यमुना और सरस्वती नाड़ियों के रूप में मौजूद...

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अद्वैत और द्वैत

अद्वैत (Non-Dualism): मुख्य विचार: अद्वैत वेदान्त का तात्पर्य है “अद्वैत” अर्थात् एकत्व। इसमें आत्मा (जीव) और परमात्मा (ब्रह्म) के बीच कोई वास्तविक भेद नहीं...

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आध्यात्मिक फकीरी

आध्यात्मिक फकीरी एक ऐसी अवस्था या जीवनशैली है जिसमें व्यक्ति संसारिक इच्छाओं, भौतिक सुख-सुविधाओं और मोह-माया से मुक्त होकर, आत्मज्ञान और ईश्वर के साक्षात्कार...

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