February 23, 2025 प्राचीन गुरु परम्परा भारतीय अध्यात्म में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। यह परम्परा गुरु-शिष्य संबंध पर आधारित है, जहाँ ज्ञान और आध्यात्मिक अनुभूति का... Read More
February 22, 2025 स्वार्थ रहित होना और निष्काम कर्म करना व्यक्ति के आंतरिक विकास और समाज के कल्याण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जब हम बिना किसी... Read More
February 22, 2025 निष्काम कर्म का मतलब है बिना किसी फल की इच्छा के अपने कर्तव्यों को निभाना। इसे अपने जीवन में अपनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण... Read More
February 22, 2025 स्वार्थ रहित होना और निष्काम कर्म करना व्यक्ति के आंतरिक विकास और समाज के कल्याण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जब हम बिना किसी... Read More
February 21, 2025 बहुत से योग सोचते है कि मैं क्या लिख रहा हु ओर क्यो क्योकि जो मजा जीने में वही आनंद मरने के बाद भी... Read More
February 21, 2025 अपने आराध्य को हर वक़्त ध्यान कर मनन करना ही सेवा है इसमें माता पिता और गुरु किसी भी की हम सेवा करते है तो हमारे बुरे कर्म कटते है और अच्छे कर्म पनपते है पूजा ध्यान भक्ति समाधि किसी भी एक को अपना कर हम जीवन सुधार सकते है और गुरु के माध्यम से केवल्य स्तिथि पा सकते है उसके लिए गुरु का पूर्ण होना जरूरी है Read More