February 18, 2025 dhyaan पतंजलि योगसूत्र योग दर्शन का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसे महर्षि पतंजलि ने रचा है। इसमें योग को आत्मज्ञान और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग... Read More
February 18, 2025 योगी योगी बनने के लिए बुद्धि, ज्ञान और मन को शुद्ध करना आवश्यक है। जब हम अहंकार और विकारों को त्याग देते हैं, तब ही... Read More
February 18, 2025 पतंजलि योग के आठ अंग (अष्टांग योग) बताए गए हैं: पतंजलि योगसूत्र योग दर्शन का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसे महर्षि पतंजलि ने रचा है। इसमें योग को आत्मज्ञान और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग... Read More
February 18, 2025 मनुष्य में मुख्य रूप से छह प्रकार के विकार माने गए हैं.. मनुष्य में मुख्य रूप से छह प्रकार के विकार माने गए हैं, जिन्हें षड् विकार या षड् रिपु (छह शत्रु) कहा जाता है। ये... Read More
February 18, 2025 मन को माया से मुक्त कैसे करें? ध्यान द्वारा मन को माया और संसारिक भोगों से हटाकर आत्मा के शुद्ध स्वरूप की ओर मोड़ा जा सकता है। नश्वर (अस्थायी) और शाश्वत... Read More
February 18, 2025 आत्मा ईश्वर में लिप्त क्यों है? आत्मा शुद्ध, शाश्वत, और अमर है। इसका स्वभाव सत्य (सत), चेतना (चित), और आनंद (आनंद) है। यह माया से परे और सभी बंधनों से... Read More