February 18, 2025 मन माया में लिप्त क्यों है? मन और आत्मा के बीच का अंतर समझना आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मन माया में लिप्त होता है, क्योंकि यह संसारिक... Read More
February 18, 2025 वैराग्य और मोक्ष का साधन, साधना की दृष्टि से.. वैराग्य और मोक्ष का साधन: शरीर की अस्थिरता, जरा (बुढ़ापा), रोग, और मृत्यु को देखकर साधक में वैराग्य उत्पन्न होता है। यह वैराग्य उसे... Read More
February 18, 2025 शास्त्रों में स्थूल शरीर के विषय में: भगवद गीता: भगवान कृष्ण ने कहा है, “अशरीरं शरीरेषु” – आत्मा शरीर में रहते हुए भी उससे परे है। कठोपनिषद: “अणोरणीयान् महतो महीयान्” –... Read More
February 18, 2025 स्थूल शरीर का आध्यात्मिक महत्व: स्थूल शरीर (भौतिक शरीर) वह शरीर है जो हमें प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देता है और जिसके माध्यम से हम इस भौतिक संसार का... Read More
February 18, 2025 शास्त्रों में आत्मा के विषय में: भगवद गीता: “वेदाविनाशिनं नित्यं य एनमजमव्ययम्” – आत्मा अविनाशी, नित्य, अजन्मा, और अपरिवर्तनीय है। उपनिषद: “अहं ब्रह्मास्मि” – आत्मा ही ब्रह्म (परमात्मा) है। बृहदारण्यक... Read More