February 18, 2025 केवल्य की अवस्था: यह सम्पूर्ण स्वतंत्रता की अवस्था है, जहाँ आत्मा न जन्म लेती है, न मृत्यु। वह अनंत शांति, आनंद और ज्ञान (सच्चिदानंद) की अवस्था में... Read More
February 18, 2025 केवल्य की प्राप्ति कैसे होती है: यम (नैतिक अनुशासन), नियम (स्वअनुशासन), आसन (शारीरिक स्थिरता), प्राणायाम (श्वास नियंत्रण), प्रत्याहार (इंद्रियों का नियंत्रण), धारणा (एकाग्रता), ध्यान (ध्यान), और समाधि (पूर्ण तल्लीनता)। समाधि... Read More
February 18, 2025 केवल्य शब्द का अर्थ है केवल्य शब्द का अर्थ है ‘एकांत अवस्था’ या ‘अद्वितीयता’। योग और वेदांत दर्शन में केवल्य को अंतिम मोक्ष या मुक्ति की अवस्था माना गया... Read More
February 18, 2025 मृत्यु के बाद ईश्वर लोक में कैसे जाएं: हिंदू धर्म में कहा गया है कि जो लोग अच्छे कर्म, भक्ति और ध्यान में लीन रहते हैं, वे मृत्यु के बाद ईश्वर के... Read More
February 18, 2025 आत्मा ईश्वर तक कैसे पहुँचे ईश्वर को विभिन्न धर्मों और दर्शनशास्त्रों में अलग-अलग तरीकों से परिभाषित किया गया है, लेकिन सामान्य रूप से, ईश्वर को सृष्टि का सर्वोच्च, सर्वव्यापी,... Read More
February 18, 2025 वीतरागी बनने का अर्थ: वीतराग का शाब्दिक अर्थ है “राग (मोह) से परे”। इसका मतलब है संसारिक इच्छाओं, सुख-दुख, सफलता-असफलता आदि में समभाव रखना। इसका तात्पर्य वैराग्य (अलगाव)... Read More