“समर्पण भाव लिए सब भाग रहे गुरु की ओर,जो भेद समर्पण को जान गया पत्नी से, वो सच्चा गुरु सेवक भाई।” भावार्थ: “समर्पण भाव...
“गरीब ऐसा सद्धृ (सज्जन पुरुष) हमें मिला जिसने बजर (कठिन/मजबूत) किवाड़ खोल दिए, और हमारे सारे अगम (गंभीर/कठिन समझने योग्य) दोष हर लिए, और...
“कबीर पासा पकड़या प्रेम का, सारी किया शरीर” यहाँ “पासा” शब्द का प्रयोग जुए के लिए किया गया है, पर यह सांसारिक जुए की...
“गरीब असत कमलदल—बाह्य भी शून्य, अंतर्मन भी शून्य।” यहाँ “गरीब असत कमलदल” का अर्थ है वह कमल-पत्र जो न तो असली (सत्) है और...
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“कबीर पासा पकड़या प्रेम का, सारी किया शरीर” यहाँ “पासा” शब्द का प्रयोग जुए के लिए किया गया है, पर यह सांसारिक जुए की...
“ज़िक्र-ए-क़ल्ब” या “हृदय जाप” क्या है? यह वह साधना या अभ्यास है जिसमें नाम (ईश्वर का नाम या मंत्र) दिल की गहराइयों में चलता...
“मिल जाये जब खाक”अर्थ:जब इंसान अपने शरीर और जीवन के भौतिक स्वरूप को नश्वर (मरणशील) समझ लेता है। “खाक” यानी मिट्टी, यह संकेत देता...
“मिल जाये जब खाक”अर्थ:जब इंसान अपने शरीर और जीवन के भौतिक स्वरूप को नश्वर (मरणशील) समझ लेता है। “खाक” यानी मिट्टी, यह संकेत देता...