January 25, 2025 मनुष्य के अंदर मलिनता और विकार खत्म करने के लिए मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक स्तर पर कार्य करना आवश्यक है। यहाँ कुछ उपाय दिए गए हैं: प्रतिदिन कुछ समय अपने भीतर झाँकने और अपने विचारों को समझने में बिताएं। अपनी कमजोरियों और गलतियों को पहचानें और उन्हें सुधारने का प्रयास... Read More
January 22, 2025 अंधकार और प्रकाश: जीवन का संतुलित संदेश अंधेरा भी प्रकाश का एक प्रति रूप है।” यह अवधारणा कई दार्शनिक और आध्यात्मिक शिक्षाओं में पाई जाती है। इसका मतलब यह है कि... Read More
January 22, 2025 आध्यात्मिक जागरण और ऊर्जा का दिव्य प्रवाह जब किसी व्यक्ति का हृदय ऊर्जा से जाग्रत होता है और उसका सूक्ष्म शरीर और कारण शरीर सक्रिय होते हैं, तो वह व्यक्ति आध्यात्मिक... Read More
January 22, 2025 गुरु-शिष्य का समर्पण: आध्यात्मिकता का सर्वोच्च नियम पिताजी साहब का गुरु और शिष्य के संबंधों के लेकर कहते थे जो शिष्य बिक गया यानी गुरु ने उसे कबूल।कर सब कुछ समर्पित... Read More
January 22, 2025 भंडारे की सेवा: समर्पण और आध्यात्मिकता का संगम गुरु द्वारा आयोजित भंडारे में मुख्य शिष्यों का कर्तव्य न केवल आयोजन को सफल बनाना है, बल्कि इसे एक सेवा और समर्पण के भाव... Read More
January 22, 2025 निष्काम सेवा और गुरु की कृपा: आध्यात्मिक जागरण का पथ निष्काम सेवा का अर्थ: ऐसा कार्य जिसमें किसी भी प्रकार की स्वार्थ सिद्धि या फल की कामना न हो। केवल दूसरों के कल्याण और... Read More