January 12, 2026 निराकार और साकार: एक ही चेतना के दो आयाम परमात्मा — निराकार भी है और साकार भी।उसी तरह गुरु और शिष्य भी केवल देह नहीं हैं, न ही केवल विचार —वे चेतना के... Read More
January 11, 2026 जिसे रब चाहता है, उसी को गुरु मिलता है लेकिन अगर तुम्हें इस दिल को बेदार करना है,इस दिल को जागृत करना है,और इसे अल्लाह–अल्लाह, ईश्वर–ईश्वर की धड़कन में लगाना है—तो इसके लिए... Read More
January 10, 2026 इबादत से इश्क़ तक: साधना से समर्पण की यात्रा इबादत वह मार्ग है जहाँनियम हैअनुशासन हैविधि है“मैं करता हूँ” की भावना हैनमाज़, पूजा, जप, व्रत, ध्यान — ये सब इबादत हैं।यह साधक को... Read More
January 10, 2026 भक्ति: प्रेम का वह धागा जो ईश्वर से बाँध देता है भक्ति कोई कर्मकांड नहीं,कोई सिद्धांत नहीं—भक्ति तो प्रेम का वह धागा हैजो जीव को सीधे ईश्वर के हृदय से बाँध देता है।यह धागा दिखाई... Read More
January 10, 2026 संजय व खाटू श्याम दिव्य दृसटामहाभारत, भक्ति परंपरा और आध्यात्मिक चेतना—तीनों को जोड़ता है। इसे कथा, प्रतीक और आध्यात्मिक रहस्य—तीनों स्तरों पर समझना उचित... Read More
January 9, 2026 अहं से परे भक्ति: केवट और शबरी के प्रेम से आत्म-जागरण केवट और शबरी —रामायण में घटनाएँ नहीं,चेतना की अवस्थाएँ हैं। केवट और शबरी का प्रेम : आध्यात्मिक अर्थकेवट — “मैं डुबा था, अब नहीं”केवट... Read More