February 19, 2024 नाद का अर्थ नाद अर्थात ‘नकार’ यानी प्राण (वायु) वाचक तथा ‘दकार’ अग्नि वाचक है , अतः जो वायु और अग्नि के संबंध (योग) से उत्पन्न होता... Read More
February 19, 2024 गुरु वह पुल है… हम जानते है कि आध्यात्मिकताकी शिक्षा में गुरु वह पुल है या सेतु है जो शिष्य को अपने ज्ञान से ईश्वर से जोड़ता है और... Read More
February 19, 2024 गुरु के द्वारा शिष्य बनाने पर…. गुरु के द्वारा शिष्य बनाने पर गुरु अपनी ऊर्जा शक्ति दीक्षा के माध्यम से शिष्य के शरीर मे स्तिथ हृदय पर अपनी नजर या... Read More
February 19, 2024 चरित्र न चरित्रहीनता महत्व उसके जहां में न चरित्र न चरित्रहीनता का कोई महत्व है अगर जन्म लिया है तो नैतिकता के आचरण में जीना होगा वरना ये... Read More
February 19, 2024 आज फिर मन के रूप लिए आज फिर मन के रूप लिए आईने में अपने को देखा तो लगा अंदर ही अंदर मैं परेशान ही कुछ चिंतित पर घबराया हुआ... Read More
February 19, 2024 हो अगर मुझे पाने हो अगर मुझे पाने और मुझमे लय हो मिलने की तमन्ना तो बस एक काम करना होगा बसा कर मुझे दिल मे सिर्फ मेरा... Read More