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हं-मरण का मार्ग: भक्ति, योग और सूफी दर्शन में आत्मसमर्पण

मेरे पिताजी का अपने शिष्यों को कहा करते थे अध्यायातम में “मर जाओ इससे पहले कि मौत तुम्हें मार दे”। यह अहंकार त्यागकर विनम्र...

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अंदर ही है अज़म: सूफी दर्शन में आत्मा से परमात्मा तक की यात्रा

जीवात्मा के भीतर “अज़म” शब्द गुप्त रूप से विद्यमान है, अर्थात् वहाँ वह स्वरूप में छिपा हुआ है। लेकिन कमील दरवेश (पूर्ण संत या...

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भगवद्गीता में आत्मा और शरीर का भेद: अमर आत्मा का दिव्य ज्ञान

भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को अवयव (इंद्रियों और शरीर के अंगों) को समझने के लिए आत्मा और शरीर के भेद का उपदेश देते...

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गीता में कर्तव्य कर्म का रहस्य: निष्काम कर्मयोग से मोक्ष का मार्ग

गीता के अनुसार कर्तव्य कर्म और मोक्ष का संबंध निष्काम भाव से है, जहां स्वधर्मानुसार किए गए कर्म फल की आसक्ति त्यागकर बंधनमुक्ति का...

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