November 27, 2025 भौतिक संसार में रहकर भी आध्यात्मिक बने रहना: कर्म योग का सुंदर संदेश भौतिक दुनिया के कर्म करते हुए अपने को अध्यात्म में लय रखना मतलब बिना स्वार्थ के, पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कर्म करना... Read More
November 26, 2025 आंख, कान और मन की शांति: भीतर जागने का दिव्य मार्ग चश्म बंदों गोशबन्दों लब बंदोगर न बिनी सिर्रेबर मन बखंदयह पंक्ति दरअसल कबीर या किसी सूफ़ी/भक्ति संत की रचना हो सकती है जिसमें मन... Read More
November 26, 2025 मरने से पहले मरना: आत्मिक जागृति का सुंदर संदेश विभिन्न धर्मों में “मरने से पहले मरना” का अर्थ भले ही थोड़ा अलग हो, लेकिन पिताजी का आध्यात्मिक साधना में इसका मूल अर्थ व... Read More
November 26, 2025 तरीकत की सर्वोच्च अवस्था: आत्मा का दिव्य जागरण अध्यात्म में तरीकत की सर्वोच्च अवस्था वह अवस्था है जिसमें व्यक्ति अपने अहंकार और निचले स्वभाव से पूरी तरवह ऊपर उठकर ईश्वर के साथ... Read More
November 25, 2025 अनाहत नाद: हृदय में जागता ईश्वर का दिव्य स्पर्श भाई आपने इतने कम शब्दों में नाद का वास्तविक अर्थ लिख दिया और अपने अनुभव से हमे वहः ज्ञान समझाया इसके लिए धन्येवादगुरु या... Read More
November 24, 2025 नाद ब्रह्म और ओम: दिव्य ध्वनि के दो रूपों की अद्भुत यात्रा नाद ब्रह्म और ओम में मुख्य अंतर इस प्रकार है:अर्थ और स्वरूप:नाद ब्रह्म वह अनाहत (अघोषित) दिव्य ध्वनि है जो ब्रह्माण्ड के सर्वत्र व्याप्त... Read More