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भौतिक संसार में रहकर भी आध्यात्मिक बने रहना: कर्म योग का सुंदर संदेश

भौतिक दुनिया के कर्म करते हुए अपने को अध्यात्म में लय रखना मतलब बिना स्वार्थ के, पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कर्म करना...

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नाद ब्रह्म और ओम: दिव्य ध्वनि के दो रूपों की अद्भुत यात्रा

नाद ब्रह्म और ओम में मुख्य अंतर इस प्रकार है:अर्थ और स्वरूप:नाद ब्रह्म वह अनाहत (अघोषित) दिव्य ध्वनि है जो ब्रह्माण्ड के सर्वत्र व्याप्त...

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