April 2, 2025 अनाहद नाद से जुड़ाव: जाग्रत और सुषुप्ति में आत्मिक चेतना बनाए रखने के उपाय हमारी आत्मा को सोते-जागते अनाहद (नाद, शुद्ध चेतना, ईश्वर के साथ निरंतर जुड़ाव) पर बनाए रखने के लिए नियमित साधना और जीवनशैली में बदलाव... Read More
April 2, 2025 यह सत्य है कि जब कोई व्यक्ति कार्यों में व्यस्त होता है, तो उसका ध्यान पूरी तरह अपने इष्ट या अनाहद नाद पर स्थिर... Read More
April 1, 2025 आध्यात्मिक जीवन: शांति, ज्ञान और आत्मविकास की राह आध्यात्मिक जीवन का अर्थ व्यक्ति की आस्था, अनुभव, और चेतना के स्तर पर निर्भर करता है। यह केवल केवल्य (मोक्ष या आत्मबोध) प्राप्त करने... Read More
April 1, 2025 आत्मा और परमात्मा का मिलन: मोक्ष की ओर यात्रा आत्मा का परमात्मा में विलय (जिसे मोक्ष, कैवल्य, निर्वाण या आत्मसाक्षात्कार भी कहा जाता है) आध्यात्मिकता और भारतीय दर्शन में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है।... Read More
March 31, 2025 निस्वार्थ कर्म: आनंद और शांति का मार्ग इस संसार में अधिकतर कार्य स्वार्थ से प्रेरित होते हैं, क्योंकि व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं, इच्छाओं और सुख-सुविधाओं को पहले रखता है। लेकिन इसका अर्थ... Read More
March 29, 2025 गुरु ही वह दीपक है जो परमात्मा तक पहुँचने का मार्ग दिखाता है गुरु और परमात्मा में अंतर गुरु और परमात्मा दोनों ही आध्यात्मिक मार्गदर्शन और आत्मज्ञान से जुड़े हैं, लेकिन उनके स्वरूप और भूमिकाओं में महत्वपूर्ण... Read More