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mera ये कथन एक गहरी सोच की ओर संकेत करता है। अनेक संत परंपराओं में कहा गया है कि जब “मैं” (अहंकार), वासनाएँ, और...

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मैं मैं को भूल तू को भूल गया जिसे अलुफ कहते हो गया पर विसवास वो जम गया जो हो न हो मुझे कोई...

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विशुद्ध रूह आंतरिक्ष में जाकर इकठ्ठी हो एक साथ पर एकत्रित होती है वे किस श्रेणी की होती है और उस स्थान पर कोई...

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आज रात जब आंख खुली तो लगा कि पिताजी मुझे अपने। साथ ले कर जाने लगे और कहा व्हलो कुछ समय के लिए तुम।मेरे...

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जब मौत आई तो किसी से मिलने व कहने या याद का भी मौका न मिला एक झौका आया और ले गया अपने साथ...

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प्रश्न योग, तंत्र और आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत गहरा है। हमारे शरीर के इन्द्रिय द्वार (कान, मुख, नाक, गुदा, लिंग) और उनके पंचतत्वों से...

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