May 4, 2026 ओर दिमाग मे सोचआगआई दर एक है पर पहुचने के लिए चार रास्ते है जिसे क्रोस में दर्शाया गया है वह रे खुदा तू... Read More
May 3, 2026 अध्यायातम में एक बात में एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति झलकती है,वहः जाट पात से परे मानवता शालीनता कुलीनता व स्नेह लेकिन इसे थोड़ा संतुलित... Read More
May 2, 2026 मेरी ये पंक्तियाँ में समर्पण की बहुत गहरी सुगंध लिए हुए हैं—जैसे कोई भीतर से सचमुच खाली होकर अपने आपको अर्पित कर रहा हो।... Read More
May 2, 2026 अनधकार व मो न अंधकार ओर मोन को, अब इसे तीनों मार्गोंवेदांत, सूफ़ी और योगसे एक साथ समझते हैं। यहाँ गहराई में एक ही सत्य अलग-अलग भाषा में... Read More
April 30, 2026 समझ गया म हाशून्य में जाकर जो सकूँन मिला जो स्वम की रूह को चेतन्य में पाया ताभि समझ मे आया गुरु गोविंद दोनो।खड़े... Read More
April 30, 2026 कविता: धर्म से ऊपर इंसान परमसत्ता के दर पे, कोई धर्म नहीं होता, वहाँ न कोई हिन्दू, न मुसलमान होता। हमने ही खींची हैं... Read More