October 28, 2025 प्रेम, भक्ति, ज्ञान और विश्वास: आध्यात्मिक संतुलन के चार स्तंभ प्रेम, भक्ति, ज्ञान और विश्वास भारतीय अध्यात्म में एक-दूसरे से गहरे जुड़े हुए चार मूल तत्व हैं। इनका अलग-अलग भी महत्व है, परंतु जब... Read More
October 27, 2025 दिल की इसलाह: सच्चे इंसान की पहचान यह बात अत्यंत गहरी और सटीक है। बाहरी सुंदरता और शारीरिक आकर्षण का मूल्य तभी तक है, जब तक मनुष्य का दिल — उसका... Read More
October 22, 2025 संयम और धैर्य: एक नैतिक शिष्य के जीवन के दो स्तंभ आध्यात्मिक जीवन में सय्यम (Self-control) और धैर्य (Patience) एक नैतिक शिष्य के लिए अनिवार्य गुण हैं, क्योंकि यही दोनों साधना को स्थिर, शुद्ध और फलप्रद बनाते हैं ।संयम का महत्वसंयम... Read More
October 20, 2025 गुरु और शिष्य का एकत्व: हृदय से हृदय, आत्मा से आत्मा का मिलन Pitaji ne बहुत गहरी और सुंदर बात कहि है — इसमें साधक और गुरु के अद्वैत संबंध का सार निहित है। जब ध्यान की... Read More
October 17, 2025 जब भीतर की आँख खुलती है: गुरु-दर्शन का सच्चा रहस्य गुरुदेव कह रहे हैं कि— “मुझे वही देख सकता है जो अंधा हो; वही सुन सकता है जो बहरा हो; और वह ही समझ... Read More
October 15, 2025 जब शून्य भी मिट जाए: आत्मा की अंतिम यात्रा ब्रह्म में विलय की ओर जब कोई साधक समाधि की अवस्था मे शुण्य को प्राप्त कर लेता है ये गुरु के द्वारा दृष्टिपात के बिना व सहयोग के बोना... Read More