April 17, 2025 प्रेम का पासा: कबीर के समर्पण की कहानी “कबीर पासा पकड़या प्रेम का, सारी किया शरीर” यहाँ “पासा” शब्द का प्रयोग जुए के लिए किया गया है, पर यह सांसारिक जुए की... Read More
April 17, 2025 “गरीब असत कमलदल—बाह्य भी शून्य, अंतर्मन भी शून्य।” यहाँ “गरीब असत कमलदल” का अर्थ है वह कमल-पत्र जो न तो असली (सत्) है और... Read More
April 15, 2025 “कबीर पासा पकड़या प्रेम का, सारी किया शरीर” यहाँ “पासा” शब्द का प्रयोग जुए के लिए किया गया है, पर यह सांसारिक जुए की... Read More
April 15, 2025 हृदय से ईश्वर तक: ज़िक्र-ए-क़ल्ब की अंतरयात्रा “ज़िक्र-ए-क़ल्ब” या “हृदय जाप” क्या है? यह वह साधना या अभ्यास है जिसमें नाम (ईश्वर का नाम या मंत्र) दिल की गहराइयों में चलता... Read More