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हं-मरण का मार्ग: भक्ति, योग और सूफी दर्शन में आत्मसमर्पण

मेरे पिताजी का अपने शिष्यों को कहा करते थे अध्यायातम में “मर जाओ इससे पहले कि मौत तुम्हें मार दे”। यह अहंकार त्यागकर विनम्र...

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अंदर ही है अज़म: सूफी दर्शन में आत्मा से परमात्मा तक की यात्रा

जीवात्मा के भीतर “अज़म” शब्द गुप्त रूप से विद्यमान है, अर्थात् वहाँ वह स्वरूप में छिपा हुआ है। लेकिन कमील दरवेश (पूर्ण संत या...

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