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भगवद्गीता में आत्मा और शरीर का भेद: अमर आत्मा का दिव्य ज्ञान

भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को अवयव (इंद्रियों और शरीर के अंगों) को समझने के लिए आत्मा और शरीर के भेद का उपदेश देते...

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गीता में कर्तव्य कर्म का रहस्य: निष्काम कर्मयोग से मोक्ष का मार्ग

गीता के अनुसार कर्तव्य कर्म और मोक्ष का संबंध निष्काम भाव से है, जहां स्वधर्मानुसार किए गए कर्म फल की आसक्ति त्यागकर बंधनमुक्ति का...

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अहं ब्रह्मास्मि का अर्थ: आत्मा और ब्रह्म की अद्वैत एकता

शरीर, मन और आत्मा भारतीय दर्शन में अलग-अलग स्तरों पर अस्तित्व रखते हैं, जहाँ आत्मा को शाश्वत और स्वतंत्र माना जाता है जबकि शरीर...

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सहस्त्रार चक्र जागरण: मानसिक और शारीरिक परिवर्तन का दिव्य अनुभव

जागृत सहस्त्रार चक्र के बाद मानसिक बदलाव मुख्यतः चेतना के विस्तार और आध्यात्मिक जागृति से जुड़े होते हैं, जैसे गहरी शांति, आत्मबोध और बाह्य...

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भारतीय शास्त्रों में समाधि: आत्मा और ब्रह्म के दिव्य एकत्व की यात्रा

आत्मा के सफर पर समाधि के संदर्भ में विभिन्न भारतीय आध्यात्मिक परंपराएँ और शास्त्र कुछ इस प्रकार दृष्टिपात करती हैं:1. उपनिषदों का दृष्टिकोणउपनिषदों में...

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