Author: Guru Ji

गुरु ही वह दीपक है जो परमात्मा तक पहुँचने का मार्ग दिखाता है

गुरु और परमात्मा में अंतर गुरु और परमात्मा दोनों ही आध्यात्मिक मार्गदर्शन और आत्मज्ञान से जुड़े हैं, लेकिन उनके स्वरूप और भूमिकाओं में महत्वपूर्ण...

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हर मनुष्य में छिपा है प्रजापति का सृजनशील रूप

मानव भी संवत्सर प्रजापति” का तात्पर्य वेदों और हिन्दू दर्शन से जुड़ा हुआ है। इसमें निम्नलिखित मुख्य अवधारणाएँ निहित हो सकती हैं: संवत्सर का...

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गुरु जी जो भी साधक सांसारिक समस्या के समाधान के लिए आपसे निवेदन करता है तो क्या यह फ़ना के विपरीत तो नहीं है,...

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बिल्कुल सही लिखा है ये फणा के विपरीत है पर फणा की स्तिथि बहुत कम देखने को।मिलती है जिसमे फना पैदा हो गया वो...

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गुरु की दीक्षा से आत्मबोध तक: शिष्य को पारंगत बनाने की भारतीय परंपरा

गुरु शिष्य को पारंगत (दक्ष) बनाने के लिए कई मार्ग अपनाता है, जो शिष्य की क्षमता, जिज्ञासा और साधना पर निर्भर करते हैं। भारतीय...

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कुर्मा मूर्धा नाड़ी: प्राचीन ग्रंथों में वर्णित ध्यान और अमृत अनुभूति की रहस्यमयी धारा

कुर्मा मूर्धा नाड़ी” का उल्लेख कई प्राचीन योग और तांत्रिक ग्रंथों में मिलता है। कुछ महत्वपूर्ण ग्रंथ जो इस नाड़ी से जुड़े हैं: इस...

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