Author: Guru Ji

अनाहत चक्र (हृदय चक्र)

अनाहत चक्र और सहस्रार चक्र की भूमिका अनाहत चक्र (हृदय चक्र) यह चक्र प्रेम, करुणा, और दिव्य ऊर्जा का केंद्र है। यहाँ पर नाद...

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गुरु-शिष्य परंपरा

गुरु-शिष्य परंपरा में कई तरह की बाधाएँ और मानसिक अवस्थाएँ देखने को मिलती हैं। क्योंकि सच्चे गुरु को पहचानना कठिन है। आजकल नकली गुरुओं...

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गुरु का मार्गदर्शन

गुरु का मार्गदर्शन आत्मिक उन्नति के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन अगर किसी कारणवश आपको कोई गुरु नहीं मिल पाता, तो आत्मज्ञान...

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नास्तिक (Atheist) और आस्तिक (Theist)

नास्तिक (Atheist) और आस्तिक (Theist) का आधार मुख्य रूप से ईश्वर, आत्मा, और अलौकिक शक्तियों पर विश्वास या अविश्वास पर निर्भर करता है। आस्तिक...

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भक्ति और ज्ञान – दोनों का महत्व

भक्ति और ज्ञान—ये दोनों ही आध्यात्मिक मार्ग हैं, लेकिन इनकी प्रकृति अलग-अलग है। कुछ संत भक्ति को श्रेष्ठ मानते हैं, तो कुछ ज्ञान को।...

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कर्म का मार्ग

कर्म का मार्ग ब्रह्मा तक जाता है, लेकिन कौन से कर्म? यह प्रश्न वेदों, उपनिषदों और गीता जैसे ग्रंथों में बार-बार उठाया गया है।...

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