अद्वैत (Non-Dualism): मुख्य विचार: अद्वैत वेदान्त का तात्पर्य है “अद्वैत” अर्थात् एकत्व। इसमें आत्मा (जीव) और परमात्मा (ब्रह्म) के बीच कोई वास्तविक भेद नहीं...
आध्यात्मिक फकीरी एक ऐसी अवस्था या जीवनशैली है जिसमें व्यक्ति संसारिक इच्छाओं, भौतिक सुख-सुविधाओं और मोह-माया से मुक्त होकर, आत्मज्ञान और ईश्वर के साक्षात्कार...
शरीर प्रकृति के नियमों के अधीन होता है। उसे भोजन, जल, नींद और स्वास्थ्य की आवश्यकता होती है। शरीर कर्मों के माध्यम से कार्य...
विज्ञान और अध्यात्म दो अलग-अलग दृष्टिकोण हैं, जिनके सिद्धांत, उद्देश्य और तरीकों में मौलिक अंतर होता है। विज्ञान का दृष्टिकोण मापन और परीक्षण: विज्ञान...
जब हम।किसी उच्चवह कोटि के संत के अनुयायी बन के दीक्षा लेने के बाद भक्ति ज्ञान ध्यान की अवस्था को पार कर समाधि की...
गहन समाधि की अवस्था में सत्त्व गुण (सात्त्विक तत्व) अधिक सक्रिय रहता है। इसके कुछ प्रमुख कारण हैं: समाधि में मन पूरी तरह से...
पंचतत्वों में से वायु और आकाश तत्व ध्यान अवस्था में शरीर को भारहीन (हल्का) महसूस करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वायु तत्व हल्केपन,...
कई आध्यात्मिक परंपराओं में यह माना जाता है कि पूर्ण गुरु अपने शिष्य का मार्गदर्शन न केवल जीवन में बल्कि मृत्यु के बाद भी...
ईश्वर हमें हमारे दोष कई तरीकों से जाहिर करता है, लेकिन इसे समझने के लिए आत्मचिंतन और जागरूकता जरूरी होती है। कुछ मुख्य तरीके...
निष्काम कर्म और आध्यात्मिक फकीरी जब कोई व्यक्ति निष्काम कर्म करता है, तो वह संसार में रहकर भी उसमें लिप्त नहीं होता। वह अपने...