Author: Guru Ji

गुरु गोविंद

गुरु गोविंद दोनो खड़े काके लागूं पांव । बलहारी  गुरु आपपे जो गोविंद दिए मिलाये ।। यह श्लोक हमारे शास्त्रों में लिखा हुआ है...

Read More

सत्य और अहंकार

जिसने सत्य की जाना वो इंसान कभी अहंकार से जीता जा नही सकता  जो अहंकार में जी रहा हो उसके पास सत्य कभी आ...

Read More

देवी देवता क्या है ?

देवी देवता क्या है ? सदगुरु बताते है के इस ब्रह्मण में हम परमात्मा के बनाए हुए तरह तरह के जीव देखते है जैसे...

Read More

मन पर काबू

तो हु उन संतो का दास जिनने मर मार लिया यानी अपने मन पर काबू पा लिया उनको इस संसार से कोई लेना देना...

Read More

मन की शांति

बहुत घुमा बहुत देखा बहुतो से मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे चर्च  में मिला पर वो मन की शांति न पा सका जिसकी तलाश  में मेरी...

Read More

अंदर से बिखरा

जो अंदर से बिखरा है उसे समेटना मुश्किल है बाहर से अगर कुछ निकला होता तो दुरस्त कर देता आध्यात्मिक देंन तड़फ मेरे मन की...

Read More

ग़ुरूर ब्रह्मा ग़ुरूर विष्णु ग़ुरूर देवों महेश्वरा  ग़ुरूर साक्षात परम ब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः ।।

ग़ुरूर ब्रह्मा ग़ुरूर विष्णु ग़ुरूर देवों महेश्वरा  ग़ुरूर साक्षात परम ब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः ।। गुरुदेव कहते हैं के यह श्लोक हमारे पूरणों...

Read More

मैं  मानव

मैं  मानव चोला लिए भटकता रहा मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे ओर चर्च में दिन रात न दर्द मिटा न दवा मिली ये सोच के हु...

Read More

ईश्वर की तलाश

न जाने क्यों लोग पत्थर के बने बुतो में उस ईश्वर की तलाश करते है जबकि जानते है वो ईश्वर तो उनके दिल और...

Read More