गुरु बिन ज्ञान नही ना ही मिले उसकी शक्ति और शक्तिपात जो गुरु की शरण मे आगया वो हो गया निहाल
परमात्मा तक पहुंचने के विभिन्न मार्ग हैं ध्यान ज्ञान सेवा भक्ति हवन दान कर्म जप तप हठ जिसने जिस प्रकार के परिवार में जन्म...
स्टूडेंट को प्रथम स्थान पाना है तो संसार के सभी मनोरंजन और व्यर्थ के क्रियाकलापों से कटकर विद्या अध्ययन में लगना पड़ता है किसी...
मनुष्य नदी को दो प्रकार से पार कर सकता है, तैरकर और नाव मै बैठकर!इस भवसागर से पार होने मै भक्ति और ज्ञान दो...
गुरु शिष्य पर जब शक्तिपात करता है तो शिष्य के गुण धर्म और सहनशक्ति देख कर कितनी वो शक्ति को ग्रहण कर सकता है...
मैं आदर्श बातों से थोड़ा दूर व्यवहारिक चिंतन और सोच में लग गया हूं क्योंकि आदर्श स्थिति तक पहुंचने के लिए एक बहुत लंबी...
हम गुरु को अपनी शान शोकत ओर धन और दिखावे से गुरु को अपनी ओरआकर्षित करना चाहते है और सोचते इस दिखावे से गुरु...
हम शिष्य यूँ तो दिन भर में सैकड़ों ग़लतियाँ करते हैं पर कुछ ग़लतियाँ ऐसी होती है जो हमको गुरु की नज़रों में गिरा...
आध्यात्मिक भाषा में, काम के लिए काम करने की प्रतिबद्धता, अर्थात्, सभी के ऊपर अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता देना निष्काम कर्म के रूप में...
गुरु की नजर में शिष्य योग्य है तो उसके लिए गुरु का दर्जा ईश्वर तुल्य है और गुरु की मेहर से वो तप कर...