April 3, 2025 पिताजी साहब जब भी घर पर सत्संग होता रहा है ओर शिष्य घ्यान करने के लिए आते थे उनको एक ही बात कहते थे... Read More
April 3, 2025 गुरु कृपा और शिष्य की साधना: आत्मिक पूर्णता का मार्ग पिताजी साहब का गुरु पद प्राप्त होने के बाद वो अपने शिष्यों को तवज्जुह या दीक्षा क्लब जाकिर यानी हृदय के समीप आत्मा के... Read More
April 3, 2025 निरंतर भजन: हर पल इष्ट से जुड़े रहने का मार्ग यह सत्य है कि जब कोई व्यक्ति कार्यों में व्यस्त होता है, तो उसका ध्यान पूरी तरह अपने इष्ट या अनाहद नाद पर स्थिर... Read More
April 2, 2025 पिताजी साहब का गुरु पद प्राप्त होने के बाद वो अपने शिष्यों को तवज्जुह या दीक्षा क्लब जाकिर यानी हृदय के समीप आत्मा के... Read More
April 2, 2025 सहज स्मरण: हर पल इष्ट से जुड़ने की कला यह सत्य है कि जब कोई व्यक्ति कार्यों में व्यस्त होता है, तो उसका ध्यान पूरी तरह अपने इष्ट या अनाहद नाद पर स्थिर... Read More
April 2, 2025 सहज समाधि: गुरु भक्ति में लय होने की उच्च अवस्था पिताजी साहब जब गुरु भगवान राधामोहन लाल जी के शिष्य बन उसी दिन उन्होंने अपनी पूर्ण कृपा पिताजी की आत्मा के साथ ले कर... Read More