June 29, 2026 भारतीय योग, आयुर्वेद और तत्त्वज्ञान के अनुसार मानव शरीर पाँच महाभूतों (पंचतत्त्व) से बना है। प्रत्येक तत्त्व का अपना कार्य और प्रधान समय माना... Read More
June 28, 2026 आपका प्रश्न बहुत गहरा है। विभिन्न परंपराएँ—पतंजलि योग, उपनिषद, अद्वैत वेदांत, नाथ योग, संतमत और भक्ति परंपरा—इन पड़ावों को अलग-अलग शब्दों में बताती हैं,... Read More
June 14, 2026 “जिस प्रकार समुद्र की गहराइयों में हजारों प्रकार के जीव रहते हैं, जिन्हें हम अपनी आँखों से नहीं देख पाते, उसी प्रकार मन की... Read More
June 12, 2026 समुंदर में उठती लहरों को पार कर, ज़माने की बनाई दीवारों को लाँघ कर, मैं उस सफ़र की ओर निकल पड़ा हूँ, जो सीधे... Read More
June 9, 2026 mera ये कथन एक गहरी सोच की ओर संकेत करता है। अनेक संत परंपराओं में कहा गया है कि जब “मैं” (अहंकार), वासनाएँ, और... Read More
April 20, 2026 मैं मैं को भूल तू को भूल गया जिसे अलुफ कहते हो गया पर विसवास वो जम गया जो हो न हो मुझे कोई... Read More