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“मैं” जब अहंकार बन जाती है, तब वही सबसे बड़ा पर्दा अध्यायातम में बनती है। और जब “मैं” समर्पण बन जाती है , तब...

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अंक केवल गणना के चिन्ह नहीं हैं, अनेक आध्यात्मिक परंपराओं में इन्हें चेतना, ऊर्जा और सृष्टि के प्रतीक माना गया है। से 10 तक के अंक जीवन, प्रकृति और

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सहस्रार चक्र और “दसम द्वार” को कई परंपराएँ एक-दूसरे से जोड़ती हैं, पर सूक्ष्म दृष्टि से दोनों में थोड़ा अंतर भी माना गया है।...

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।अगर निकले जनाज़ा मेरा तेरे दर के पास से, तो ऐ दोस्त… एक फूल मेरी अर्थी पर फेंक देना। बस उसी पल ठहर जायगी...

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अगर निकले जनाज़ा मेरा तेरे दर के पास से, तो ऐ दोस्त… एक फूल मेरी अर्थी पर फेंक देना। बस उसी पल ठहर जायगी...

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