June 14, 2026 “जिस प्रकार समुद्र की गहराइयों में हजारों प्रकार के जीव रहते हैं, जिन्हें हम अपनी आँखों से नहीं देख पाते, उसी प्रकार मन की... Read More
June 12, 2026 समुंदर में उठती लहरों को पार कर, ज़माने की बनाई दीवारों को लाँघ कर, मैं उस सफ़र की ओर निकल पड़ा हूँ, जो सीधे... Read More
June 9, 2026 mera ये कथन एक गहरी सोच की ओर संकेत करता है। अनेक संत परंपराओं में कहा गया है कि जब “मैं” (अहंकार), वासनाएँ, और... Read More
April 20, 2026 मैं मैं को भूल तू को भूल गया जिसे अलुफ कहते हो गया पर विसवास वो जम गया जो हो न हो मुझे कोई... Read More
April 1, 2026 विशुद्ध रूह आंतरिक्ष में जाकर इकठ्ठी हो एक साथ पर एकत्रित होती है वे किस श्रेणी की होती है और उस स्थान पर कोई... Read More
March 31, 2026 आज रात जब आंख खुली तो लगा कि पिताजी मुझे अपने। साथ ले कर जाने लगे और कहा व्हलो कुछ समय के लिए तुम।मेरे... Read More