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संतमत, सूफ़ी मत, वेदांत और पतंजलि योग को साथ रखकर देखें तो एक गहरी समानता दिखाई देती है। शब्द अलग हैं, लेकिन अनेक साधक...

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तेरे दर से गुज़रने से पहले मैं होश में था या बेहोश, यह मुझे भी कहाँ पता था। तेरे दर पर आकर ऐसा मदहोश...

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भारतीय योग, आयुर्वेद और तत्त्वज्ञान के अनुसार मानव शरीर पाँच महाभूतों (पंचतत्त्व) से बना है। प्रत्येक तत्त्व का अपना कार्य और प्रधान समय माना...

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आपका प्रश्न बहुत गहरा है। विभिन्न परंपराएँ—पतंजलि योग, उपनिषद, अद्वैत वेदांत, नाथ योग, संतमत और भक्ति परंपरा—इन पड़ावों को अलग-अलग शब्दों में बताती हैं,...

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“जिस प्रकार समुद्र की गहराइयों में हजारों प्रकार के जीव रहते हैं, जिन्हें हम अपनी आँखों से नहीं देख पाते, उसी प्रकार मन की...

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समुंदर में उठती लहरों को पार कर, ज़माने की बनाई दीवारों को लाँघ कर, मैं उस सफ़र की ओर निकल पड़ा हूँ, जो सीधे...

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