आत्मा व परमात्मा की पहचानवेदांत की परंपरा में ठीक यही सिद्धांत प्रतिपादित है—आत्मानं विद्धि (आत्मा को जानो), क्योंकि आत्मा ही परमात्मा का प्रतिबिंब है।...
अव्यक्तं व्यक्तमापन्नं मन्यन्ते मामअभुद्दयः ।परं भावमजानन्तो मम सर्वं यथा भवति तत् ॥ २४ ॥भगवान कहते हैं – अज्ञानी मुझे अव्यक्त (निर्गुण) से व्यक्त (सगुण)...