December 2, 2025 प्रभु माया की शक्ति: कैसे भक्त इस संसारिक मोह से ऊपर उठता है प्रिय भाई सुनील आपने जो दोहा लिखा है उसका मूल अर्थ ये है कि भगवान (प्रभु) की माया बहुत ही शक्तिशाली और बलवान है।... Read More
December 1, 2025 मेरी सोच “अध्यात्म की राह में ‘फिजा’ और ‘फिदा’ के अर्थ बहुत गहरे और सारगर्भित हैं। यहाँ पर ‘फिजा’ का अर्थ होता है वातावरण, मौसम, या... Read More
November 30, 2025 नाम जप और नाद क्या हैं? इनके आध्यात्मिक अनुभव का गहरा रहस्य दार्शनिक दृष्टि से नाद और नाम जप में यह अंतर है कि नाम जप एक क्रिया है जिसमें ईश्वर या गुरु के नाम का... Read More
November 30, 2025 अनाहद नाद का रहस्य: गुरु की तवज्जोह और साधना से जन्मी दिव्य ध्वनि जब हम किसी भी ईश्वर को याद या उसके ड्सर्शन करते है और नाम जपते है तो हम जाप करते हुवे शांति तो अवश्य... Read More
November 29, 2025 कर्मयोग का सार: श्रीकृष्ण के उपदेश और ईश्वर-स्मरण का दिव्य मार्ग कर्मयोग को श्रीकृष्ण यो मूल श्लोकभगवद्गीता के अध्याय 2, श्लोक 47 में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं: कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते संगोऽस्त्वकर्मणि॥... Read More
November 28, 2025 जब इश्क बन जाए आध्यात्मिक मार्ग: प्रेम से परमात्मा तक की यात्रा इश्क को आध्यात्मिक मार्ग में परिवर्तित करने के लिए सबसे पहले उसे संसारिक मोह से अलग कर परमात्मा या गुरु के प्रति निष्काम भक्ति... Read More