September 28, 2025 समाधि की पराकाष्ठा: जहाँ ‘मैं’ नहीं, केवल ज्योति है समाधि की उच्च अवस्था जहा न मैं न तो बस है तो प्रकाश बिंदु ओर कुछ नही अंधेरा गम हो।कर एक प्रकाश बिंदु शेष... Read More
September 28, 2025 अलगपन से एकत्व तक: आत्मा और परमात्मा का मिलन मैंके साथ मैं मिल सकता है पर मैनके साथ तू नहीं इ स पंक्ति में बहुत गहरी दार्शनिक और आध्यात्मिक प्रतीति है। इसका अभिप्राय... Read More
September 26, 2025 गुरु-शिष्य संबंध: मृत्यु के पार भी बना रहने वाला आध्यात्मिक संग गुरु-शिष्य संपर्क मृत्यु के बाद भी प्रभावित रहता है और गहरा बना रहता है। गुरु-शिष्य का संबंध केवल एक जन्म या जीवनकाल तक सीमित... Read More
September 26, 2025 स्थूल और सूक्ष्म शरीर का अद्भुत संगम: अनुभव की नई दृष्टि जब स्थूल शरीर के रहते सूक्ष्म शरीर इस भौतिक दुनिया में अन्य स्थूल शरीर से मिलने निकलता है, तो दोनों स्थूल शरीरों को अपनी-अपनी... Read More
September 26, 2025 अंधकार से प्रकाश तक: आत्मा की दिव्य यात्रा जब शरीर की आत्मा गहन समाधि अवस्था मे पहुच जाती है और उस स्थान पर पहुच जाती है जहाँ से लौटना असम्भव है ये... Read More
September 26, 2025 रूहानी महक: जहाँ खुदा और बंदा एक हो जाते हैं हवाओं का वो झोंका, जो तेरे नाम की खुशबू लिए आए,जैसे सहर की नर्म चादर है, जो रूह को छू जाए।शहर-से मेरा दिल थम... Read More