September 24, 2025 जीवन का लक्ष्य गुरु के द्वारा आज्ञा चक्र, प्राणवायु चक्र, सहस्रार चक्र, मूर्धा, कूर्म नाड़ी, प्राण और आत्मा का गमन, ऊर्जा के सहारे चक्र भेदन और गुरु द्वारा शक्तिपात —... Read More
September 24, 2025 मैं’ और ‘तू’ की खोज: अद्वैत और भक्ति के बीच पुल “मैं” (अहं, अहंकार, व्यक्तिगत पहचान) और “तू” (ईश्वर, परमसत्ता, या दुसरा/अन्य) के बीच के संबंध की खोज है।व्याख्या”जानता हूं मैं का अस्तित्व नहीं है”... Read More
September 24, 2025 संत परंपरा में उत्तराधिकार: परंपरा, परिवार और संरक्षण का संतुलन संत किंगद्दी जैसे उच्च कोटि के संतों का हकफसर (उत्तराधिकारी) आमतौर पर उनके परिवार वाले ही होते हैं, न कि अन्य काबिल शिष्य, क्योंकि:पारंपरिक... Read More
September 19, 2025 जीवन का लक्ष्य गुरु के द्वारा आज्ञा चक्र, प्राणवायु चक्र, सहस्रार चक्र, मूर्धा, कूर्म नाड़ी, प्राण और आत्मा का गमन, ऊर्जा के सहारे चक्र भेदन और गुरु द्वारा शक्तिपात —... Read More
September 19, 2025 गुरु-शिष्य संबंध: अवगुणों से सद्गुणों की ओर यात्रा ।मार्ग से भटके हुए शिष्य में कई तरह के अवगुण आ सकते हैं, जिनका असर उसके व्यक्तिगत और आध्यात्मिक जीवन दोनों पर पड़ता है।... Read More
September 18, 2025 पतंजलि योगसूत्र में कैवल्य का स्वरूप योगसूत्र (IV अध्याय – कैवल्यपाद) के अनुसार: “पुरुषार्थशून्यानां गुणानां प्रतिप्रसवः कैवल्यम् स्वरूपप्रतिष्ठा वा चितिशक्ति इति।” (योगसूत्र 4.34) अर्थ: जब प्रकृति (गुण) पुरुष के लिए... Read More