September 26, 2025 अंधकार से प्रकाश तक: आत्मा की दिव्य यात्रा जब शरीर की आत्मा गहन समाधि अवस्था मे पहुच जाती है और उस स्थान पर पहुच जाती है जहाँ से लौटना असम्भव है ये... Read More
September 26, 2025 रूहानी महक: जहाँ खुदा और बंदा एक हो जाते हैं हवाओं का वो झोंका, जो तेरे नाम की खुशबू लिए आए,जैसे सहर की नर्म चादर है, जो रूह को छू जाए।शहर-से मेरा दिल थम... Read More
September 25, 2025 गुरु-शिष्य का दिव्य बंधन: जीवन से मृत्यु और मोक्ष तक गुरु-शिष्य संबंध को परलौकिक बनाने वाले साधन शास्त्रों और परंपराओं में मुख्यतः निम्नलिखित माने जाते हैं:साधना और समर्पणगुरु-शिष्य संबंध की परलौकिकता का पहला और... Read More
September 25, 2025 हनुमान, मीरा और राधा: भक्ति के तीन अद्भुत आयाम हनुमान, मीरा और राधा तीनों की भक्ति अलग-अलग प्रकार की है और उनकी भक्ति का स्वरूप तथा उनका आदर्श अलग है, इसलिए सीधे तुलना... Read More
September 25, 2025 जब साधक और साध्य एक हो जाएँ “मैं से मैं की पहुँच और तू बीच में फिर क्या हो” एक रहस्यात्मक सूक्ति या सूफियाना चिंतन जैसी लगती है, जिसमें गहरी आत्मबोध... Read More
September 24, 2025 त्रिपुटि से एकत्व तक: भारतीय दर्शन का उज्ज्वल मार्ग एकत्ववाद का अर्थ है “एकता का सिद्धांत” या “मौनवाद” जिसमें सभी वस्तुओं, जीवों, और घटनाओं की वास्तविकता में एक ही मूल तत्व या सार... Read More