“मैं” (अहं, अहंकार, व्यक्तिगत पहचान) और “तू” (ईश्वर, परमसत्ता, या दुसरा/अन्य) के बीच के संबंध की खोज है।व्याख्या”जानता हूं मैं का अस्तित्व नहीं है”...
संत किंगद्दी जैसे उच्च कोटि के संतों का हकफसर (उत्तराधिकारी) आमतौर पर उनके परिवार वाले ही होते हैं, न कि अन्य काबिल शिष्य, क्योंकि:पारंपरिक...
आज्ञा चक्र, प्राणवायु चक्र, सहस्रार चक्र, मूर्धा, कूर्म नाड़ी, प्राण और आत्मा का गमन, ऊर्जा के सहारे चक्र भेदन और गुरु द्वारा शक्तिपात —...
।मार्ग से भटके हुए शिष्य में कई तरह के अवगुण आ सकते हैं, जिनका असर उसके व्यक्तिगत और आध्यात्मिक जीवन दोनों पर पड़ता है।...
योगसूत्र (IV अध्याय – कैवल्यपाद) के अनुसार: “पुरुषार्थशून्यानां गुणानां प्रतिप्रसवः कैवल्यम् स्वरूपप्रतिष्ठा वा चितिशक्ति इति।” (योगसूत्र 4.34) अर्थ: जब प्रकृति (गुण) पुरुष के लिए...
पतंजलि योगसूत्र में कैवल्य का स्वरूप. उपनिषदों और अद्वैत वेदांत में कैवल्य. कैवल्य में भक्ति और प्रेम का स्वाभाविक उदय पतंजलि योगसूत्र में कैवल्ययोगसूत्र...
“शिव की जटा से गंगा निकलना” कोई सिर्फ भौतिक घटना नहीं, बल्कि गहरे योगिक और तंत्रिकीय (नाड़ी) रहस्यों का प्रतीक है।गंगा – शुद्ध चेतना...
आध्यात्मिक तरंग का शरीर के भीतर उत्पन्न होकर ब्रह्मांड तक प्रसारित होना और वापसी का संबंध योग, ध्यान और आत्मसाक्षात्कार की प्रक्रियाओं से है।...
विवेक (Discernment)विवेक का अभ्यास करने के लिए, हर स्थिति में खुद से यह सवाल पूछें: “क्या यह मेरे लिए सच में अच्छा है?”छोटे निर्णयों...
पहला स्वर्ग (वायुमंडलीय स्वर्ग): यह सबसे निचला स्वर्ग है जो पृथ्वी के आस-पास के आकाश या वायुमंडल को दर्शाता है। यह वह स्थान है...