Category: Vachan

कर्म का मार्ग

कर्म का मार्ग ब्रह्मा तक जाता है, लेकिन कौन से कर्म? यह प्रश्न वेदों, उपनिषदों और गीता जैसे ग्रंथों में बार-बार उठाया गया है।...

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“तू” और “मैं”

“तू” और “मैं” का “हम” बनना अध्यात्म की गहराई से जुड़ा हुआ विषय है। इसे समझने के लिए तीन पहलुओं को देखना ज़रूरी है—...

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भौतिक दुनिया

भौतिक दुनिया ही सब कुछ लगती है क्योंकि हम इसे अपनी इंद्रियों से अनुभव कर सकते हैं। लेकिन आध्यात्मिक लोक को न देखने के...

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पाताल लोक हिंदू धर्म…

पाताल लोक हिंदू धर्म में भौतिक और सूक्ष्म दोनों स्तरों पर वर्णित है। यह धरती के नीचे स्थित सात लोकों में से एक है,...

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ब्रह्मांड में आत्माओं के विभिन्न स्तरों…

ब्रह्मांड में आत्माओं के विभिन्न स्तरों की स्थिति को समझने के लिए, हमें हिंदू धर्म, योग, और आध्यात्मिक परंपराओं के दृष्टिकोण को देखना होगा।...

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अध्यात्म

अध्यात्म में यदि कोई व्यक्ति अपने सुख को त्यागकर दूसरों का दुख अपने ऊपर लेता है, तो इसे करुणा और परोपकार की उच्च अवस्था...

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संत शिष्य को केवल्य पद

संत शिष्य को केवल्य पद (मोक्ष या आत्म-साक्षात्कार) पर ले जाने के लिए निम्नलिखित कार्य करते हैं: संत का मुख्य कार्य शिष्य को आत्मबोध...

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