।मैं न कभी बंधा हु ओर न कभी इस जहा से , मुक्त हु बल्कि मैं सदा सदा सेवही हु ” जो मेरा असतित्व...
ईश्वर के बिना आत्मा का अस्तित्व नही व आत्मा की आजाद हस्ती ही ईश्वर के लिए निमित हैमेरा ये वाक्य बहुत गहरे अद्वैत अनुभव...
विशुद्ध रूह आंतरिक्ष में जाकर इकठ्ठी हो एक साथ पर एकत्रित होती है वे किस श्रेणी की होती है और उस स्थान पर कोई...
आज रात जब आंख खुली तो लगा कि पिताजी मुझे अपने। साथ ले कर जाने लगे और कहा व्हलो कुछ समय के लिए तुम।मेरे...
जब मौत आई तो किसी से मिलने व कहने या याद का भी मौका न मिला एक झौका आया और ले गया अपने साथ...
प्रश्न योग, तंत्र और आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत गहरा है। हमारे शरीर के इन्द्रिय द्वार (कान, मुख, नाक, गुदा, लिंग) और उनके पंचतत्वों से...
मैं वो सिकंदर नहीं जो खाली हाथ लौट गया, मैं वो हूँ जो तेरी रहमत का ख़ज़ाना लिए जाऊँगा। जिसे दुनिया दौलत समझ न...
श्रद्धांजलि संदेश स्वर्गीय श्रीमती दर्शना देवी गुप्ता जी की पुण्य तिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। आज उनके हमें छोड़े हुए 36 वर्ष पूर्ण हो...
आध्यात्मिक मार्ग में साधक सामान्यतः 5 प्रमुख अवस्थाओं से गुजरता है। जब इन अवस्था से गुजरता है तो उसके मन मे कई तरह के...
आध् यात्मिक साक्षी भाव (सूक्ष्म स्तर) साक्षी भाव का सूक्ष्म अर्थ यह है कि साधक केवल बाहरी घटनाओं का ही नहीं, बल्कि मन, प्राण...