मेरे दिमाग मे बहुत गहरी बात आई है— शरीर में हरकत → जीवन की पहचान शरीर का अकड़ना → मृत्यु की पहचान अब प्रश्न...
दिमाग मे उपजा प्रश्न क्या गुरु के द्वारा दी जानी वाली तववजुह में हृदय के ऊपरी क्षेत्र या निचले क्षेत्र पर क्या प्रभाव होता...
ना मुझे ताज की ख्वाहिश, ना मुझे शोहरत का नशा, तेरे कदमों में जो गुज़र जाए, वही है मेरा असली नशा। ना ऊँचाइयों का...
।मैं न कभी बंधा हु ओर न कभी इस जहा से , मुक्त हु बल्कि मैं सदा सदा सेवही हु ” जो मेरा असतित्व...
ईश्वर के बिना आत्मा का अस्तित्व नही व आत्मा की आजाद हस्ती ही ईश्वर के लिए निमित हैमेरा ये वाक्य बहुत गहरे अद्वैत अनुभव...
विशुद्ध रूह आंतरिक्ष में जाकर इकठ्ठी हो एक साथ पर एकत्रित होती है वे किस श्रेणी की होती है और उस स्थान पर कोई...
आज रात जब आंख खुली तो लगा कि पिताजी मुझे अपने। साथ ले कर जाने लगे और कहा व्हलो कुछ समय के लिए तुम।मेरे...
जब मौत आई तो किसी से मिलने व कहने या याद का भी मौका न मिला एक झौका आया और ले गया अपने साथ...
प्रश्न योग, तंत्र और आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत गहरा है। हमारे शरीर के इन्द्रिय द्वार (कान, मुख, नाक, गुदा, लिंग) और उनके पंचतत्वों से...
मैं वो सिकंदर नहीं जो खाली हाथ लौट गया, मैं वो हूँ जो तेरी रहमत का ख़ज़ाना लिए जाऊँगा। जिसे दुनिया दौलत समझ न...