Category: Vachan

प्रसन्नता से। प्रस्तुत है एक विस्तृत आध्यात्मिक चिंतन: Writing सच्ची ईश्वर-भक्ति और वास्तविक अध्यात्म ईश्वर-भक्ति किसी बाहरी प्रदर्शन, वेशभूषा, उपाधि या कर्मकांड तक सीमित...

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मृत्यु के बाद सूक्ष्म शरीर की आध्यात्मिक यात्रा। । विभिन्न धर्मों और परंपराओं में मृत्यु के बाद की यात्रा के बारे में अलग-अलग मान्यताएँ...

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श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला का दिव्य उपदेश है। महाभारत के युद्धक्षेत्र कुरुक्षेत्र में जब अर्जुन अपने कर्तव्य...

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उपनिषद और संतमत का अत्यंत गूढ़ विषय है। ध्यान रहे कि विभिन्न परंपराओं में इसके वर्णन अलग-अलग हैं, इसलिए इसे एक आध्यात्मिक दृष्टि के...

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संतमत, सूफ़ी मत, वेदांत और पतंजलि योग को साथ रखकर देखें तो एक गहरी समानता दिखाई देती है। शब्द अलग हैं, लेकिन अनेक साधक...

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तेरे दर से गुज़रने से पहले मैं होश में था या बेहोश, यह मुझे भी कहाँ पता था। तेरे दर पर आकर ऐसा मदहोश...

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भारतीय योग, आयुर्वेद और तत्त्वज्ञान के अनुसार मानव शरीर पाँच महाभूतों (पंचतत्त्व) से बना है। प्रत्येक तत्त्व का अपना कार्य और प्रधान समय माना...

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आपका प्रश्न बहुत गहरा है। विभिन्न परंपराएँ—पतंजलि योग, उपनिषद, अद्वैत वेदांत, नाथ योग, संतमत और भक्ति परंपरा—इन पड़ावों को अलग-अलग शब्दों में बताती हैं,...

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“जिस प्रकार समुद्र की गहराइयों में हजारों प्रकार के जीव रहते हैं, जिन्हें हम अपनी आँखों से नहीं देख पाते, उसी प्रकार मन की...

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समुंदर में उठती लहरों को पार कर, ज़माने की बनाई दीवारों को लाँघ कर, मैं उस सफ़र की ओर निकल पड़ा हूँ, जो सीधे...

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