Category: Vachan

हमारे हिन्दू शास्त्रो में ब्रह्मा विष्णु और महेश को अलग अलग गुणों।के असधर पर व्यक्त किया गया है और कहा गया कि गंगा शिव...

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सूक्ष्म कारण शरीर से ब्रह्मांड के आंतरिक्ष की सैर” एक रहस्यमयी और आध्यात्मिक अवधारणा है जो योग, ध्यान और भारतीय दर्शन में वर्णित होती...

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अध्यात्म में . भंवर का प्रतीक: भंवर (या भँवरा) संत साहित्य में आत्मा या ईश्वर के अति सूक्ष्म और रहस्यमय स्वरूप का प्रतीक है।...

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भवसागर का अर्थ होता है — यह संसार रूपी महासागर, जिसमें जन्म-मृत्यु का चक्र, मोह-माया, दुःख-सुख, और अज्ञान की लहरें हैं। और इसे पार...

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“बिरहनि बिरहा ले गयकर्ता कार कहार”अर्थ:विरह (प्रेम-वियोग की पीड़ा) ने ‘बिरहा’ (वियोगी प्रेमी) को अपने साथ ले लिया — जैसे कोई कहार (पालकी ढोने...

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आध्यात्मिकता में गुरु शिष्य को चुनता है, और शिष्य गुरु को क्यों और किसलिए, जबकि गुरु पूर्ण होता है और शिष्य अधूरा?”

यह प्रश्न केवल तर्क का नहीं, आत्मिक अनुभव और परंपरा का विषय है। आइए इसे आध्यात्मिक दृष्टि से समझें: गुरु को शिष्य चुनने की...

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अनाहद नाद (Anahad Nada) योग, तंत्र, और भारतीय अध्यात्म में एक गहन अवधारणा है, जो आंतरिक ध्वनि या “बिना आघात की ध्वनि” को संदर्भित...

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“सुरीति निरति का पीव है, शब्द विलास विनोद” शब्दार्थ: सुरीति = उत्तम आचरण / शुभ नीति निरति = लगन, गहरी रुचि पीव = प्रियतम...

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