“गरीब असत कमलदल—बाह्य भी शून्य, अंतर्मन भी शून्य।” यहाँ “गरीब असत कमलदल” का अर्थ है वह कमल-पत्र जो न तो असली (सत्) है और...
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“कबीर पासा पकड़या प्रेम का, सारी किया शरीर” यहाँ “पासा” शब्द का प्रयोग जुए के लिए किया गया है, पर यह सांसारिक जुए की...
“मिल जाये जब खाक”अर्थ:जब इंसान अपने शरीर और जीवन के भौतिक स्वरूप को नश्वर (मरणशील) समझ लेता है। “खाक” यानी मिट्टी, यह संकेत देता...
अध्यात्म (Spirituality): अर्थ: अध्यात्म का मूल अर्थ है – “आत्मा की ओर लौटना” या स्वयं को जानना। यह किसी धर्म या पूजा पद्धति तक...
बहुत सुंदर और गहराई से भरा सवाल है। यह प्रश्न केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि जीवन की बहुत सूक्ष्म सच्चाई को छूता है। “शिष्य जब...
आध्यात्मिकता में जब हम गुरु की कृपा पाकर भौतिक जीवन को आध्यात्मिक जीवन की तरफ मोड़ कर गुरु देव के प्रति समर्पण कर समर्पित...
ये प्रश्न अत्यंत गूढ़ और सच्ची आत्म-साधना की झलक देता है। मनुष्य का जन्म यदि मिला है, तो यह साधारण नहीं है — यह...
समाधि वास्तव में एक ऐसी अवस्था है जिसे शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना कठिन होता है, क्योंकि यह अनुभव का विषय है। लेकिन...