Author: Guru Ji

शरीर से ब्रह्मांड तक : चेतना की दिव्य यात्रा

आध्यात्मिक तरंग का शरीर के भीतर उत्पन्न होकर ब्रह्मांड तक प्रसारित होना और वापसी का संबंध योग, ध्यान और आत्मसाक्षात्कार की प्रक्रियाओं से है।...

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आत्म-विकास के पाँच स्तंभ

विवेक (Discernment)​विवेक का अभ्यास करने के लिए, हर स्थिति में खुद से यह सवाल पूछें: “क्या यह मेरे लिए सच में अच्छा है?”​छोटे निर्णयों...

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​अनाहत नाद

​अनाहत नाद एक ऐसी ध्वनि है जो बिना किसी टक्कर या घर्षण के उत्पन्न होती है। यह ब्रह्मांड की शाश्वत, आंतरिक ध्वनि है, जिसे...

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देवयान और पितृयान: आत्मा की दो यात्राएँ

ये शास्ट्रोनमेवलिख हैइसमें वेद-उपनिषद, गीता और स्मृति-ग्रंथों में बताए गए देवयान और पितृयान मार्गों का अच्छा सार है, और साथ ही आपने अपनी व्यक्तिगत...

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शुक्ल और कृष्ण पक्ष: जीवन मृत्यु के पारमार्थिक रहस्य

आध्यात्मिक दृष्टि से शुक्ल और कृष्ण पक्ष का महत्व​भारतीय आध्यात्म और शास्त्रों में, शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों का ही गहरा आध्यात्मिक महत्व...

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