अध्यात्म में “खाक में मिलना” एक गहन और प्रतीकात्मक अवधारणा है, जो आत्मा, जीवन और मृत्यु के चक्र से जुड़ी है। यह वाक्यांश सामान्य...
तत्वातोतदेह: भारतीय दर्शन में मूलभूत सिद्धांतों की देह में अभिव्यक्तिI. तत्वातोतदेह: एक समग्र दार्शनिक दृष्टिकोण“तत्वातोतदेह” संस्कृत का एक गहन यौगिक शब्द है, जो ऐसी...
जब कोई व्यक्ति जीवन की अंतिम अवस्था ओर अध्यआत्मिक्ता के उच्च शिखर पर पहुच वियरगी बन संसार से विरक्त हो इस स्थिति को प्राप्त...
देवयान गति” (Devayana gati) भारतीय दर्शन, विशेष रूप से उपनिषदों और वेदांत में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। इसे मृत्यु के बाद आत्मा के यात्रा...
अद्यतमिक योग में महर्षि पतंजलि के द्वारा योग के आठ अंग बताये गए हैयमनियमआसनप्राणायामप्रत्याहारधारणाध्यानसमाधिये आठ सीढ़िया है जो हमे अद्यतमिक योग में ऊंचाई पर...
पिताजी साहब ओर हमारे यहां ध्यान में आने वाले सत्संगी गुरु के प्रति जो भाव रखते है वह है गुरु के प्रति दीवानगी और...
तत्वदर्शी संत” एक ऐसा शब्द है जिसका अध्यात्म में बहुत गहरा और विशिष्ट अर्थ है। यह केवल एक साधारण संत या धार्मिक व्यक्ति नहीं...
अध्यात्म में ‘मैं’ को मिटाकर ‘तू’ बनने की प्रक्रिया औरअद्यतमिक नाद का महत्व बहुत कुछ मायने रखता है जिसमे मैं’ को मिटाकर ‘तू’ बनने...
गुरुदेव की अद्यतमिक।कृपा की राहत और शिष्य की योग्य बनने की चाहत का विषय बहुत गहरा और आध्यात्मिक है, जो गुरु-शिष्य परंपरा, भक्ति और...
लक्ष्मण रेखा और गांधारी का सुरक्षा चक्र, दोनों ही भारतीय पौराणिक कथाओं में महत्वपूर्ण प्रतीक हैं, जो आधुनिक संदर्भ में भी नैतिक, सामाजिक और...