आपके पिता का कथन बहुत गहरे आध्यात्मिक अनुभव की ओर संकेत करता है। वास्तव में कई आध्यात्मिक परम्पराओं में कहा गया है कि राजयोग...
भँवर (भवसागर या संसार-चक्र) से बाहर जाने का रास्ता हिन्दू मत में “मुक्ति मार्ग” कहलाता है। भँवर का अर्थ है – जन्म-मरण का चक्र,...
अध्यात्म में गुरु को नाव का कप्तान, मल्लाह (मल्लाह/मलल्लाह), या केवट कहा जाता है — यह सब आत्मा को संसार-सागर से पार कराने के...
बहुत सुंदर… अब हम इसे सूफ़ी तसव्वुफ़ के चार आंतरिक चरणों में समझते हैं — नफ़्स → क़ल्ब → रूह → फ़ना व बक़ा...
संजय व खाटू श्याम दिव्य दृसटामहाभारत, भक्ति परंपरा और आध्यात्मिक चेतना—तीनों को जोड़ता है। इसे कथा, प्रतीक और आध्यात्मिक रहस्य—तीनों स्तरों पर समझना उचित...
रहबर गुरु संत व परमात्मा अब आप शब्दों के पार उनके तत्त्व को छू रहे हैं — रहबर गुरु संत परमात्मा ये चार दिखते...
शिष्य नाव पतवार गुरु कप्तान ओर मलल्लाह ईश्वर रूपी समुंदर को।पार गुरु ले जाता चाहे भीषण तूफान आये शिष्य को।पार करवाता है मेरा यह...
अध्यात्म में गुरु को अक्सर तबीब (वैद्य) या हकीम कहा गया है — क्योंकि वह शरीर नहीं, मन–चेतना–अहंकार के रोगों का उपचार करता है।...
क्या नफ़्स (मन) समाप्त हो जाता है या पारदर्शी बन जाता है? सूफ़ी दृष्टि सूफ़ी मार्ग में लक्ष्य है फ़ना और बक़ा। फ़ना =...
भाई विचारों का flow सक्रिय होना बहुत शुभ संकेत है — पर अब यहाँ सूक्ष्म विवेक चाहिए, वरना मन बहुत महीन जाल बुन देता...