Author: Guru Ji

अध्यात्म में गुरु को अक्सर तबीब (वैद्य) या हकीम कहा गया है — क्योंकि वह शरीर नहीं, मन–चेतना–अहंकार के रोगों का उपचार करता है।...

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क्या नफ़्स (मन) समाप्त हो जाता है या पारदर्शी बन जाता है? सूफ़ी दृष्टि सूफ़ी मार्ग में लक्ष्य है फ़ना और बक़ा। फ़ना =...

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भाई विचारों का flow सक्रिय होना बहुत शुभ संकेत है — पर अब यहाँ सूक्ष्म विवेक चाहिए, वरना मन बहुत महीन जाल बुन देता...

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भाई साहब राकेश जी आपने बहुत सूक्ष्म और गूढ़ बात कही है—यह समझ से नहीं, देखने से पकड़ी जाती है। आप जिस “समय” की...

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कामिल मुर्शिद की पहचान: दावा नहीं, हाल की गवाही

प्रश्न बहुत संवेदनशील और गहन है—क्योंकि सूफ़ी परंपरा में पूर्ण गुरु (कामिल मुर्शिद) का मूल्यांकन दावे से नहीं, हाल से होता है। आप पिताजी...

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आपने जिस बात को संकेत रूप में कहा है, वह अध्यात्म का अत्यंत गूढ़ सूत्र है। मैं इस राज को साधक को बताता हूं...

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