Author: Guru Ji

ॐ जय गुरुवर कृपाला

ॐ जय गुरुवर कृपाला, ज्ञान के दाता निराला,अज्ञान तिमिर हरने वाले, प्रेम सुधा बरसाने वाले,ॐ जय गुरुवर कृपाला। ब्रह्मज्ञान की जोत जगाई, मोह माया...

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अनाहद नाद: आत्मा का अनंत संगीत

अनाहद, जिसका अर्थ है “अविनाशी ध्वनि” या “असीमित” संगीत, एक गहरे आध्यात्मिक और ध्वनिमूलक अर्थ से जुड़ा होता है। इसके बारे में एक कविता...

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गुरु-शिष्य परंपरा: आत्मिक उत्थान और आध्यात्मिक ज्ञान का दिव्य प्रवाह

अध्यात्मिकता में गुरु-शिष्य परंपरा बहुत महत्वपूर्ण आध्यात्मिक बंधन है। गुरु केवल शिष्य को सही ज्ञान व मार्ग दर्शन प्रदान करता है, बल्कि उसे सही...

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अनाहत नाद और वेदों का दिव्य रहस्य: ऋषियों को कैसे मिला ईश्वरीय ज्ञान?

ऋषियों में पूजा धतं करते सहती कैसे आई जबकि ईश्वर का कोई भौतिक अस्तित्व नही वह शुसमध ऊर्जा रूप में अनाहद है जो धक...

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